समाज ने दी बहिष्कार की धमकी, मुस्लिम महिला रेशमा ने तुलसी माला बनाना सीख पति को कराया व्यवसाय
भरतपुर. यदि किसी महिला में पूर्ण आत्मविश्वास एवं लगन हो तो वह सामाजिक प्रतिबंधों को भी दरकिनार कर तेजी से आगे बढ़ सकती है। ऐसा ही कर दिखाया रूपवास तहसील क्षेत्र के खानुआ गांव निवासी रेशमा ने। इसने जब तुलसी माला बनाने का कार्य शुरू किया तो समाज के लोगों ने इसका जमकर विरोध किया और धमकी भी दी गई कि उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाएगा लेकिन उसने इन प्रतिबंधों को दरकिनार कर अपना कार्य जारी रखा। इसकी वजह से आज वह प्रतिमाह तुलसी माला बनाकर 15 से 20 हजार रुपए आसानी से कमा रही है। खानुआ गांव निवासी रेशमा अधिक पढ़ी लिखी नहीं थी। 12वीं कक्षा पास करने के बाद उसकी शादी कर दी गई। शादी के बाद रेशमा ने देखा कि उसके ससुराली जनों के पास खेती योग्य जमीन कम होने के कारण बहुत कम आय मिल रही है। जिस पर उसने अपना कोई रोजगार शुरू करने के लिए विचार बनाया। रेशमा एक संस्था की ओर से गांव में बनाए गए महिला स्वयं सहायता समूह में सदस्य के रूप में शामिल हुई और 25 हजार रुपए का ऋण लेकर पहले बकरी पालन का काम शुरू किया लेकिन वह यहां तक भी नहीं रुकी और तुलसीमाला बनाने के कार्य में रुचि लेने लगी। जब रेशमा तुलसीमाला बनाने...