बगैर मुकदमा दर्ज किए जुर्माना वसूल कर अवैध खनन में जब्त दोनों डंपरों को छोड़ा

भरतपुर/पहाड़ी. आखिर खनिज विभाग पर खननमाफिया के रसूख का दबाव साबित हो गया। क्योंकि अवैध खनन सामग्री से भरे जिन दो डंपरों पर 12 जून को ही मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए था, उस कार्रवाई को एक सप्ताह तक उन्हें बचाने के लिए ही टाला जाता रहा। खनिज विभाग के अधिकारियों ने रसूख के दबाव में आकर मुकदमा ही दर्ज नहीं कराया। ऐसे में उन्हें सिर्फ एक लाख 14 हजार रुपए जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया। जबकि प्रशासनिक एवं खनिज विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से इस प्रकरण को लेकर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। ऐसे में इस प्रकरण की शिकायत खान मंत्री के अलावा प्रमुख शासन सचिव से भी की गई है। उल्लेखनीय है कि 12 जून को पुलिस व खनिज विभाग ने नांगल व धौलेट मे अवैध खनन के खिलाफ संयुक्त कार्रवाही की थी। इसमें पांच डंपर व दो पोकलेन मशीनों को जब्त किया गया था। इसमें तीन खाली डंपरों को कार्रवाही में दिखाते हुए खनि कार्यदेशक भीम सिंह ने 48 घंटे बाद दो अलग-अलग एफआइआर पहाड़ी थाने मे दर्ज कराई थी। इसमें दो खनन सामग्री से भरे दो डंपरों को रसूखात निभाने के लिए पुलिस को सुर्पुद कर दिया गया था। जिन्हें बाद मे पैनल्टी देकर छोड़ दिया गया। क्योंकि तीन डंपर खाली होने का लाभ लेकर कानूनी कार्रवाई से बच जाएंगे।

आठ दिन तक चलता रहा खेल

आश्चर्य की बात यह है कि खनिज विभाग ने रसूख के दबाव में आठ दिन बाद भी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई। जबकि अवैध खनन सामग्री से भरे दोनों डंपरों को एफआइआर से दूर रखा गया, खाली डंपरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई। इससे साफ है कि खुद खनिज विभाग पर ही खननमाफिया की सांठगांठ के चलते रसूख के दबाव का मामला सामने आ रहा है। क्योंकि जब विभाग को कार्रवाई ही नहीं करनी थी तो आखिर खानापूर्ति के नाम पर यह कार्रवाई का नाटक क्यों किया। ऐसे तमाम सवाल विभाग की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर रहे हैं।

-एमई व एएमई पत्र निकाला गया है। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध स्टोन क्रशरों के रिकॉर्ड को खंगाला जाएगा। क्रशरों के स्टॉक की जांच भी जाएगी। इसके लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।

प्रताप मीणा
एसएमई खनिज विभाग



source https://www.patrika.com/bharatpur-news/both-dumpers-confiscated-in-illegal-mining-were-released-6210771/

Comments

Popular posts from this blog

होलकर से दोस्ती की खातिर महाराजा रणजीत सिंह ने ठुकराया था अंग्रेजों से संधि का प्रस्ताव

वृंदावन कुंभ में बसेगा बृज संस्कृति आधारित गांव

परमदरा ऐसा गांव...यहां भगवान कृष्ण के भाई ने सीखी थी मल्ल विद्या, हर घर में पहलवान