नगर निगम में रार: पार्षदों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर की आयुक्त को एपीओ करने की मांग

भरतपुर. नगर निगम में आयुक्त व मेयर व बीच विवाद के बाद पार्षद के साथ कथित अभद्रता का मामला अभी शांत नहीं हो सका है। यही कारण है कि अभी तक मथुरा गेट थाने में दोनों पक्षों की ओर से परिवाद देने के बाद भी उन्हें जांच में रखा गया है। हालांकि एसएचओ की ओर से शुक्रवार देर शाम तक परिवादों की जांच का दावा किया जाता रहा। जबकि पार्षद से अभद्रता के मामले में कुछ पार्षदों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर आयुक्त को एपीओ कराने की मांग रखी। उल्लेखनीय है कि इस विवाद के बीच जहां मेयर अभिजीत कुमार ने 14 प्रकरणों में गड़बड़ी की आशंका जाहिर करते हुए यू-नोट बनाकर आयुक्त के पास भेजा है तो वहीं आयुक्त ने कहा है कि वह अगले सप्ताह तक इन सभी प्रकरणों की फाइल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास भेज देंगे। ऐसे में इस मामले की शिकायत सीएमएओ तक की गई है। साथ ही एक पक्ष ने पिछले दो माह के अंतराल के दस्तावेजों का रिकॉर्ड भी डीएलबी भेजा है। वहीं दूसरी ओर से एक और मामले को लेकर नगर निगम में गहमागहमी बनी रही। इसमें सामने आया है कि मेयर ने यू-नोट में जिस निजी शिक्षण संस्थान की एनओसी की जांच का प्रकरण रखा है। उसके ही मामले में बताया गया है कि फायर एनओसी 13 अक्टूबर 2020 को जारी की गई। एनओसी जारी होने के बाद फायर सैस का पैसा जमा कराने का नोटिस 21 अक्टूबर को जारी किया गया है। इस मामले को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। हालांकि प्रशासनिक पक्ष का दावा है कि नियमों के तहत ही सबकुछ किया गया है। बाकी जांच करा सकते हैं।
नगर निगम के पार्षदगणों की एक बैठक स्थानीय एक होटल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पार्षद मोती सिंह ने की। बैठक को सम्बोधित करते हुए पार्षद देवेन्द्र सिंह ने कहा कि जिस प्रकार नगर निगम आयुक्त पार्षदों का अपमान कर रही है उनसे उनकी मंशा जाहिर होती है कि आखिर आयुक्त किसके दबाव में कार्य कर रही हैं। वार्ड 13 की पार्षद पिंकी ने नगर निगम आयुक्त के इस व्यवहार की कड़ी निंदा की और आयुक्त को तुरन्त प्रभाव से एपीओ करने की मांग की। पार्षद चतर सिंह ने कहा कि नगर निगममें कांग्रेस का बोर्ड होने के बावजूद भी आयुक्त ने कांग्रेस समर्थित पार्षदों का अपमान कर रही हैं इससे पार्षदों में भयंकर रोष व्याप्त है। भास्कर शर्मा ने कहा कि अगर शीघ्र ही आयुक्त का स्थानान्तरण नहीं होता है कि पार्षद धरना प्रदर्शित आन्दोलन करेंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

पीडि़त पार्षद की पार्टी नेताओं के बीच हुई वार्ता

सूत्रों की मानें तो जिस पार्षद के साथ अभद्रता की शिकायत की जा रही है। उसके ही पार्टी के कुछ पदाधिकारियों ने मामले को लेकर समझाइश की कोशिश भी की है। हालांकि बताया जा रहा है कि पार्षद ने यहां तक कह दिया कि जब पिछले दिनों ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया था तो तुरंत हस्ताक्षर कर दिए गए थे। आखिर अब इस प्रकरण में समर्थन क्यों नहीं दिया जा रहा है। हालांकि इसके बाद पार्टी के कुछ पार्षदों की बैठक भी हुई। हालांकि पदाधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।



source https://www.patrika.com/bharatpur-news/commissioner-demands-apo-6478365/

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