ख्याल डराते हैं, लेकिन डर के आगे जीत है

भरतपुर. किसी भी बीमारी में बुरे ख्याल डराते हैं। मन आशंकित भी होता है, लेकिन बिना डरे एक-दूसरे की ताकत बनकर कोई भी जंग जीती जा सकती है। तन यदि बीमार हो जाए तो मन को बीमार नहीं होने दें। यही चीज बीमारी से उबरने के लिए रामबाण है। यदि हम मन से नहीं हारे तो इस डर से जरूर जीतेेंगे। यह कहना है गोपालगढ़ निवासी विशेष लोक अभियोजक पोस्को कोर्ट संख्या प्रथम तरुण जैन का। जैन के परिवार के आठ जनों ने कोरोना को हौसलों के बलबूते मात दी है।
स्पेशल पीपी जैन बताते हैं कि अस्वस्थता महसूस होने पर जांच कराई तो 19 अप्रेल को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पिता भी मेरे संपर्क में आने से संक्रमित हो गए। इस पर हम दोनों पिता-पुत्र 24 अप्रेल को हॉस्पिटल में भर्ती हो गए। इस बीच हमारे सम्पर्क में आने के कारण अन्य परिजन भी इसकी चपेट में आ गए। यह पूरे परिवार के लिए मुश्किल घड़ी थी, लेकिन हम बिना डरे एक-दूसरे को हौसला बढ़ाते रहे। साथ ही नियमित रूप से दवाओं का सेवन करते हुए गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया। इस बीच सभी परिजन घर पर ही आइसोलेट हो गए। जैन बताते हैं कि इस बीच परिजन तो एक-दूसरे का हौसला बढ़ा ही रहे थे, लेकिन मित्र भी इस दौर में हिम्मत बंधाते रहे। भले ही पॉजिटिव होना डरा रहा था, लेकिन सबने पहले दिन से ही कोरोना को मात देने की ठान ली थी। इसका नतीजा यह रहा कि सभी लोग कोरोना को हराने में कामयाब हो गए। जैन एवं उनके पिता 5 मई को स्वस्थ होकर घर लौट आए। बाकी अन्य परिजन भी पूरी तरह से स्वस्थ हो गए।

पिता की फिक्र थी, लेकिन वह हीरो बनकर निकले

जैन बताते हैं कि उनके पिता ओमप्रकाश जैन (74) काफी वृद्ध हैं। साथ ही हार्ट के मरीज भी हैं। इस बीच सबको उनकी फिक्र थी, लेकिन वह इस जंग में हीरो सरीखे साबित हुए। जैन बताते हैं कि पिता के पास वाले बेड पर भर्ती मरीज की मौत हो गई। साथ ही वार्ड अन्य लोगों की मौत भी हुई। यह समय डराने वाला था, लेकिन पिता ने हिम्मत नहीं खाई और अन्य परिजनों को हौसला देते हुए नियमित रूप से दवाओं का सेवन किया और पूरी तरह गाइड लाइन की पालना की। इसका नतीजा यह है कि वह इस उम्र में भी कोरोना को हराने में कामयाब हो गए।

परिवार में यह हुए संक्रमित

- तरुण जैन (36)

- पिता ओमप्रकाश जैन (74)

भाई सुचित जैन (40)

पत्नी प्रीति जैन (34)

बेटी कशिका जैन (9)

भाभी रितु जैन (38)

भांजी निमिषा (15)

भांजा अर्णब (12)



source https://www.patrika.com/bharatpur-news/thoughts-scare-but-fear-is-victory-6857852/

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