रिक्शा चालक की मौत, घना गेट बंद कर परिजनों ने किया प्रदर्शन

भरतपुर. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के मुख्य द्वार पर शुक्रवार सुबह कुछ लोग मृतक रिक्शा चालक का शव लेकर पहुंच गए और यहां रखकर प्रदर्शन किया। बाद में मुख्य गेट को बंद कर दिया। हंगामा बढऩे पर पुलिस व घना प्रशासन अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश की लेकिन बात नहीं बनी। जिस पर मौके पर पहुंचे एसडीएम ने समझाइश की और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलवाने का भरोसा दिया। जिसके बाद मामला शांत हुआ। मृतक घना में कई सालों से रिक्शा चला रहा था।


जानकारी के अनुसार गांव घासौला निवासी रिक्शा चालक हरदेव (50) पुत्र करकली जाटव गुरुवार को घना में पर्यटक को लेकर अंदर गया था। बताया जा रहा है कि वह घूमाकर यहां स्टैण्ड पर आया तो उसकी तबीयत खराब हो गई। कुछ देर बाद उसने खून की उल्टियां शुरू कर दी। जिस पर अन्य रिक्शा चालकों ने परिजनों को सूचना दी। जिस पर रिक्शा चालक को पुत्र सुनील पहुंचा और पिता को बाद में इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गया। जहां पर उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना को लेकर शुक्रवार सुबह करीब 7.30 बजे ग्रामीण पहुंच गए और फिर परिजन मृतक हरदेव का शव लेकर आ गए और घना गेट पर शव कर प्रदर्शन किया। परिजनों ने घना प्रशासन पर रिक्शा चालक की तबीयत खराब होने पर ध्यान नहीं देने और समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाने का आरोप लगाया। परिजनों ने मुआवजे की मांग। हंगामे की सूचना पर एसीएफ ब्रजपाल सिंह मौके पर पहुंचे और समझाइश की और मदद का भरोसा दिया। इसके बाद भी हंगामा बना रहा। सूचना पर सेवर थाना प्रभारी अरुण सिंह मय जाब्ते मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाया। इस दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। जिस पर वापस हंगामा हो गया। इसके बाद एसडीएम देवेन्द्र परमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया और घना अधिकारियों से मामले में वार्ता करने की बात कही। जिसके बाद मामला शांत हुआ। जिसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हो गए।



source https://www.patrika.com/bharatpur-news/rickshaw-driver-dies-relatives-demonstrated-by-closing-the-gate-7087276/

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