शनि अमावस्या पर चार को लगेगा साल का आखिरी सूर्यग्रहण

भरतपुर. मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अमावस्या पर चार दिसंबर को साल का आखिरी खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा। सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, लेकिन दक्षिण अमरीका, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, अटलांटिक के दक्षिणी भाग और दक्षिण अफ्रीका में देखा जा सकेगा। भारत में नहीं दिखने के कारण सूतककाल भी मान्य नहीं होगा। इससे पूर्व 19 नवंबर को साल का आखिरी चंदग्रहण लगा था, जो कि सबसे लंबा चंद्रग्रहण भी था। इसका भी सूतक काल मान्य नहीं था।
पं. राममोहन शर्मा के अनुसार शनि अमावस्या को सूर्य ग्रहण के समय ब्राहणों को पंच दान लाभदायक माने गए हैं। ये पांच वस्तुएं अनाज, काला तिल, उड़द दाल, सरसों तेल होती है। इन वस्तुओं के दान का महत्व है। इनके दान से परिवार की समृद्धि में वृद्धि होती है। इस संयोग में सरसों तेल दान करने से शनि का प्रभाव सदैव के लिए समाप्त होता है। जिन जातकों पर शनि की साढ़े-साती या ढैया चल रही है। उनके लिए जरूरी है कि वे शनि अमावस्या पर दान करें। उन्होंने बताया कि आंशिक सूर्यग्रहण को खंडग्रास ग्रहण भी कहते हैं। आंशिक ग्रहण होता है, जब सूर्य सूर्य और चंद्रमा एक सीधी रेखा में नहीं होते और चंद्रमा सूर्य के एक हिस्से को ही ढंकता है। इस खगोलीय स्थिति को खंड ग्रहण कहा जाता है। इस स्थिति में जब ग्रहण सूर्य या चंद्रमा के कुछ हिस्से पर ही लगता है। यानि चंद्रमा सूर्य के कुछ हिस्से को ही ढंकता है।

इस माह चार बड़े ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन

वर्ष 2021 जाते-जाते कई मायने में खास होगा। दिसंबर माह चार ग्रहों के राशि परिवर्तन का साक्षी होगा। इसका असर सभी राशियों पर पड़ेगा। कइयों का फायदा होगा तो कइयों को सावधानी बरतनी होगी। पं. मनु मुदगल के अनुसार दिसंबर माह में सबसे पहले पांच दिसंबर को मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर होने जा रहा है। इसके तीन दिन बाद यानी आठ दिसंबर को शुक्र अपनी चाल बदलकर मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। 10 दिसंबर को बुध का धनु राशि में गोचर हो रहा है। इसके बाद 16 दिसंबर को सूर्य भी धनु राशि में पहुंच जाएंगे। जो बुध के साथ मिलकर बुधादित्य योग बनाएंगे। वहीं 19 दिसंबर को शुक्र मकर राशि में वक्री हो जाएंगे। यानी अपनी टेढ़ी चाल से चलना शुरू कर देंगे। बुध भी 29 दिसंबर को धनु से निकलकर मकर राशि में गोचर कर जाएंगे और फिर 30 दिसंबर को शुक्र वक्री गति से चलते हुए वापस धनु राशि में वक्री हो जाएंगे। ग्रहों के के राशि परिवर्तन और शुक्र की उल्टी चाल से सभी 12 राशियों के जातक प्रभावित होंगे। कुछ राशि के जातकों को ग्रहों की इस चाल से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे तो कुछ राशि के जातकों को व्यर्थ की दौड़ धूप होगी। ग्रहों के राशि परिवर्तन से जिन व्यक्तियों को यह ग्रह चतुर्थ, अष्ठम एवं द्वादश भाव में हों, उन्हें ग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान पुण्य करना चाहिए और जप आदि करके इनके अशुभ प्रभाव से बचना चाहिए।



source https://www.patrika.com/bharatpur-news/four-will-be-the-last-solar-eclipse-of-the-year-on-shani-amavasya-7202834/

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