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नेत्रहीन गाय की सेवा से नए प्रयोग कर रोल मॉडल बना किसान गोपाल

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भरतपुर. वह अनपढ़ अवश्य है, लेकिन अगर उसके गांव जाकर उसकी नई तकनीक व सेवा भाव को देखा जाए तो पढ़े लिखे भी कुछ नहीं है। कुम्हेर के गांव बावैन के किसान गोपाल की कहानी भी प्रेरणा से कम नहीं है। जहां आजकल दुधारू पशु के शरीर में थोड़ी भी परेशानी होने पर पशुपालक उसे बेचने से नहीं चूकता है, वहीं किसान गोपाल ने नेत्रहीन गाय की सेवा के साथ बड़ा मुकाम पाया है। वह पिछले 10 साल से गायों की सेवा कर रहे हैं। किसान गोपाल बताते हैं कि कुछ साल पहले अचानक ख्याल आया कि स्वस्थ गाय की सेवा सभी करते हैं, क्यों न किसी न किसी रूप से निशक्त गाय की सेवा करनी चाहिए। इसलिए एक नेत्रहीन गाय लेकर आया और उसकी सेवा शुरू की। गाय ने एक बछड़े को जन्म दिया और वह 30 लीटर दूध देने लगी। इसके बाद गोपाल ने भैंस बेचकर और गाय खरीदकर पालना शुरू कर दिया। आज 34 गाय पाल रहे हैं। गाय के मूत्र व गोबर से प्राकृतिक खेती गोपाल ने गाय के मूत्र एवं गोबर से प्राकृतिक खेती प्रारंभ कर खाद्यान्नों की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार कर लिया। इसने गोपाल को प्रभावित किया उसने अपनी पूरी जमीन पर ही प्राकृतिक खेती आरंभ कर दी। गांव से दूर खेत पर घर...

अब प्रत्येक पारी में 16 हजार अभ्यर्थी देंगे पटवार भर्ती परीक्षा

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भरतपुर. कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से दो दिन 23 व 24 अक्टूबर को होने वाली पटवारी भर्ती परीक्षा चार पारियों में होगी। सभी परीक्षा केंद्र जिला मुख्यालय पर ही हैं। आयोग ने तीसरी बार चार पारियों में होने वाली परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ा दी है। अब प्रत्येक पारी में 16 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। ऐसा कोरोना गाइडलाइन के तहत पिछले दिनों राज्य सरकार की ओर से जारी छूट के तहत किया गया है। इससे फायदा यह भी होगा कि आसपास के जिलों के अभ्यर्थियों को भी परेशान नहीं होना पड़ेगा। कर्मचारी चयन बोर्ड से मिले प्रश्न-पत्र हथियारबंद पुलिस के पहरे में रखवाए जाएंगे। परीक्षा के दिन पारी से पहले ही प्रश्न-पत्र केंद्रों पर पहुंचाए जाएंगे। पटवार परीक्षा की पहली पारी सुबह साढ़े आठ बजे से सुबह 11.30 बजे तक होगी। दूसरी पारी दोपहर ढाई बजे से शाम साढ़े पांच बजे होगी। दो पारियों के बीच तीन घंटे का अंतराल होगा। इससे अभ्यर्थी आसानी से आवागमन कर सकेंगे। परीक्षा के सफल संचालन के लिए 57 केंद्रों पर केंद्राधीक्षक, 104 पर्यवेक्षक, 12 फ्लाइंग स्क्वायड, 12 डिप्टी कॉर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। राजस्थान कर्मचारी चयन ...

देखिए शहरी सरकार...डगर-डगर, टूटे फेरोकवर

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भरतपुर. नगर निगम के 65 पार्षदों पर भले ही खुद के वार्डों में विकास की जिम्मेदारी है, लेकिन यह बोर्ड कितनी जिम्मेदारी निभा रहा है। इसका खुलासा शहर में जगह-जगह टूटे फेरोकवर से लगाया जा सकता है। इस छोटी समस्या के बड़े दर्द का सामना हर शहरवासी कर रहा है। शहर में सड़कों पर नालियों के ऊपर जगह-जगह टूटे फेरोकवर हादसों को आमंत्रण दे रहे है, लेकिन नगर निगम की ओर से इनकी सुध नहीं ली जा रही। शहर में ऐसे एक या दो स्थान नहीं बल्कि कईं है। यहां पर कईं जगह तो फेरोकवर ही नजर नहीं आते तो कुछ जगह पर टूटे पड़े है। लोहे के जाल वाले फेरोकवर के भी हालात खराब है। नालियों के ऊपर रखे टूटे फेरोकवर से आए दिन छिटपुट दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। नगर निगम हर वर्ष नालियों पर फेरोकवर एवं लोहे के जाल आदि लगाने पर राशि खर्च करता है, लेकिन लगाने के बाद उनकी देखरेख करने की जहमत नहीं उठाता। जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक टूटे फेरोकवर, जर्जर लोहे के जाल आदि नहीं बदले जाते। इतना ही नहीं नालियों पर लगाए जाने वाले लोहे के जाल लगने के बाद ज्यादा समय तक नालियों पर दिखाई नहीं देते, अक्सर लोग लोहे के जालों को चुरा ले ...

ब्रज के आंगन की तुलसी माला बन रही विदेशियों की पसंद

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भरतपुर/गोवर्धन. राधा-कृष्ण नाम तो कहीं उनकी युगल स्वरूप की तस्वीर से बनी कंठी माला, किसी माला की आकृति शंख की है तो किसी माला में जगन्नाथ प्रभु विराजमान हैं ऐसी सैकड़ों प्रकार की तुलसी से बनी कंठी माला राधाकुंड में कार्तिक नियम सेवा में आने वाले भक्तों को आकर्षित कर रही हैं। भक्तों का भाव माला को गले से पहनने से लेकर जप करने का है। यही कारण है कि ब्रज के आंगन की तुलसी कंठी माला बनकर देश ही नहीं बल्कि सात समुंदर पार अमेरिका, रूस, चीन जैसे देशों में इस्कॉन अनुयायियों के माध्यम से पहुंच रही है। राधाकुंड में गौड़ीय सम्प्रदाय से जुड़े वैष्णव राधा-कृष्ण नाम की तुलसी धारण कर रहे हैं। हिंदु धर्म में तुलसी का विशेष महत्व है इसलिए ज्यादातर घरों के आंगन में तुलसी का पौधा होता है। भगवान विष्णु, कृष्ण और राम के भक्त गले में तुलसी की माला ग्रहण करते हैं। संत परीक्षित दास महाराज ने बताया कि तुलसी की माला धारण करने वाले भक्त पर भगवान की सदैव कृपा रहती है। इसलिए वैष्णव को गले में माला धारण करना जरूरी है। वृंदावन माला के संचालक प्रहलाद दास ने बताया कि तुलसी की माला दस रुपए से तीस हजार रुपए तक की बिक्र...

राधा-रानी ब्रज यात्रा शुरू, इस बार 30 दिन की होगा पद यात्रा

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भरतपुर. मथुरा इलाके के गहवरवन बरसाना मान मन्दिर के संत रमेश बाबा ने सैंकड़ों भक्तों को संकल्प दिलाकर ब्रज की चौरासी कोस पद यात्रा को राधारानी की आरती उतारकर रवाना किया। यह पदयात्रा अबकी बार चालीस दिन की ना होकर मात्र तीस दिन की यात्रा होगी। यह ब्रज चौरासी कोस पदयात्रा अगले नवम्बर माह में कामां में आएगी। मान मन्दिर के कार्यकारी अध्यक्ष राधाकान्त शास्त्री ने बताया कि यात्रियों ने मानगढ़, दानगढ़, भानुगढ़, विलासगढ़ व महेश्वरी दोहिनी कुण्डए माता गोशाला के दर्शन किए। यात्रा में सतत हरिनाम संकीर्तन व ब्रज देवियों का नृत्य यात्रियों को अपार सुख व शांति प्रदान करता है। उन्होंने यह भी बताया कि ब्रज के परम आराध्य पर्वत कनकाचल व आदिबद्री को खनन मुक्त कर संरक्षित वन घोषित कराने के लिए लंबे समय से चल रहे संघर्ष के उपरांत राजस्थान सरकार द्वारा दोनों पर्वतों को संरक्षित वन घोषित करने का निर्णय ले लिया है। शीघ्र ही दोनों पर्वत पूर्ण रूप से खनन मुक्त हो जाएंगे। इस बार की वार्षिक ब्रज चौरासी कोस यात्रा एक विजय उत्सव के रूप में भी निकाली जाएगी। क्योंकि ब्रजवासियों व साधु संतों द्वारा एक लंबे संघर्ष के ब...

संदिग्धावस्था में मौत, भतीजे का शराब में विषाक्त पिला हत्या करने का आरोप

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भरतपुर. डीग उपखंड के गांव जाटोली थून में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक खेत पर अचेत पड़ा मिला। परिजन बाद में अस्पताल ले गएए जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया। मामले को लेकर मृतक के भतीजे ने गांव के ही एक व्यक्ति पर शराब में विषाक्त पदार्थ मिलाकर उसके चाचा की हत्या करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। उधरए पुलिस ने मृतक का मंगलवार को चिकित्सालय में पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि गांव जटोली थून निवासी इंद्रजीत पुत्र भजन सिंह जाट ने रिपोर्ट में बताया कि सोमवार सांय करीब 6 बजे गांव जटोली थून निवासी बदले उर्फ बदन सिंह पुत्र गोवर्धन सिंह जाट उसके घर पर आया और उसके चाचा महाराज सिंह को अपने साथ बुलाकर ले गया। काफी देर तक महाराज सिंह घर लौटा तो वह बदले के पास गया। उससे अपने चाचा महाराज सिंह के बारे में पूछा। तो बदले ने बताया कि महाराज सिंह ने शराब पी ली है और वह अपने घर चला गया है। उसके बाद इंद्रजीत में अपने चाचा को तलाश किया तो महाराज सिंहए राम हंस के बोर पर पड़ा हुआ मिला। जब उसने महाराज सिंह उठाया और पूछा कि क्या परेशानी है तो महाराज ...

इस बार रोहिणी नक्षत्र में उदय होगा करवा चौथ का चंद्रमा

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भरतपुर. पति की दीर्घायु और सौभाग्य-समृद्धि का प्रतीक पर्व करवा चौथ 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। कार्तिक पक्ष की चतुर्थी को सौभाग्यवती महिलाएं दिनभर निर्जल निराहार रहकर रात्रि चंद्रोदय के बाद मिट्टी से बने सुराहीनुमा करवा पात्र से चंद्रमा को अघ्र्य देकर पूजन करेगी। चंद्र दर्शन के बाद पति के हाथों सात बार जल आचमन एवं मिष्ठान खिलाकर चतुर्थी के कठिन व्रत का पारणा करेगी। ये व्रत खासतौर से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश व बिहार में ही किया जाता है। मान्यता के अनुसार वट सावित्री व्रत की तरह ही करवा चौथ व्रत करने से भी पति को लंबी आयु प्राप्त होती है और वैवाहिक जीवन खुशहाल होता है। साथ ही व्रत करने वाली महिलाओं का अखंड सौभाग्य भी बना रहता है। करवा चौथ पर बन रहा विशिष्ट संयोग पं. मनु मुदगल ने बताया कि इस साल एक शुभ और विशिष्ट संयोग करवा चौथ व्रत के दिन निर्मित हो रहा है। पंचांग के मुताबिक इस बार करवा चौथ का चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में उदित होगा। मान्यता के अनुसार इस नक्षत्र में व्रत रखना अति शुभ माना जाता है। ये भी मान्यता है कि विशिष्ट योग में चंद्र दर्शन मनवांछित फल प्रदान...